हस्तशिल्प मेला : केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पिक्चर फ्रेमिंग टेक्नोलॉजी के पेशेवरों को गिल्ड प्रमाण पत्र प्रदान किए

ग्रेटर नोएडा: केंद्रीय मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरिराज सिंह ने आईएचजीएफ- दिल्ली मेला वसंत के दूसरे दिन पिक्चर फ्रेमिंग सेग्मेंट में काम करने वाले 12 फ्रेमर्स को गिल्ड सर्टिफिकेट प्रदान किए. ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर ऐंड मार्ट में यह मेला 23 से 27 फरवरी 2018 को आयोजित किया जा रहा है.

इस अवसर पर ईपीसीएच के अध्यक्ष ओ.पी. प्रह्लादका, मेला अध्यक्ष श्री राधे श्याम रंगा, ईपीसीएच उपाध्यक्ष श्री आ.के. पासी एवं श्री सागर मेहता और ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राकेश कुमार उपस्थित थे.

गिल्ड प्रमाणित फ्रेमर्स को पुरस्कार देने के दौरान माननीय एमएसएमई मंत्री ने श्री राकेश कुमार के प्रयासों और विज़न की सराहना करते हुए कहा कि उनके पास जोश और लगन है जिसने हस्तशिल्प क्षेत्र को मजबूत किया है.

श्री गिरिराज सिंह जी ने आईएचजीएफ-दिल्ली मेले के रूप में ईपीसीएच के मार्केटिंग प्लेटफॉर्म के निर्माण के प्रयासों की भी सराहना की, जहां देश भर के प्रदर्शक पूरे विश्व से आने वाले खरीदारों के सामने अपने उत्पादों का प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने हस्तशिल्प क्षेत्र के आधार 70 लाख कारीगरों की भूमिका की भी सराहना की जो हस्तशिल्प के उत्पादन में लगे हुए हैं और उन्हें इस शो में अपनी सूक्ष्म शिल्प कौशल प्रदर्शित करने का अवसर देने के लिए ईपीसीएच की प्रशंसा की.

EPCH के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, माननीय मंत्री ने आशा व्यक्त की कि हस्तशिल्प का निर्यात बहुत जल्द ही 30,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा.

एमएसएमई मंत्री ने यह भी बताया कि वो स्पिनिंग में प्रोद्योगिकी को लाए हैं और आशा व्यक्त की कि इससे एमएसएमई के क्षेत्र में 5 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा.

अनौपचारिच क्षेत्र में सभी उत्पाद एमएसएमई के तहत आते हैं और एक रोजगार सृजन क्षेत्र है.

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री राकेश कुमार ने बताया कि फ्रेमर्स को पहले से निर्धारित बाजार और अंतरराष्ट्रीय स्तर की फ्रेमिंग समेत विभिन्न स्तरों को समायोजित कर उच्च कौशल और कारीगरी की गुणवत्ता प्रदान करने के लिए ईपीसीएच ने लॉयन इंडिया के साथ मिलकर भारत में लंदन के फाइन आर्ट ट्रेड गिल्ड के साथ मिलकर आईजीसीएफ प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कर के पिक्चर फ्रेमिंग उद्योग के उन्नयन के क्षेत्र में अनूठी पहल की है.

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कोलकाता में 6 से 12 नवंबर 2017 को आयोजित किया गया था. समूचे भारत से 20 प्रतिभागी इसमें शामिल होने कोलकाता आए और उनमें से 12 प्रतिभागी गिल्ड सर्टिफाइड फ्रेमर्स परीक्षा में उत्तीर्ण हुए.

श्री कुमार ने आगे कहा कि इस तरह के कोर्स भारत में पहली बार आयोजित किए गए और हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद के श्री मोहम्मद आसिफ उन 12 प्रतिभागियों में से एक हैं जो इस परीक्षा में उत्तीर्ण हुए और उन्हें गिल्ड सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया . They included Mr. Deepak Oulkar from Belgaum, Mr. PunitPrahladka from Kolkata, Mr. Dipak Dholey from Kolkata, Mr. Sanjay Lahoti from Pune, Mr. Geovanni Fernandes from Margao, Goa, Ms. Liza Mayan from Kannur, Kerala, Mr. Aliasgar Kanchwala, Hyderabad, Mr. K. Narendra Shenoy from Mangalore, Ms. Mia Renny from Cochin, Ms. Manisha Bhatcar from Panjim, Goa. दूसरे दिन के आकर्षणों में से फैशन शो था और इस दौरान केनवे सरतारज वर्ल्डवाइड, एशियन हैंडिक्राफ्ट्स, वेवा फैशन, ग्रामीण और विकास चेतना संस्था इत्यादि के मॉडलों ने फैशन जूलरी और एक्सेसरीज प्रदर्शित किए.

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