AI से लेकर स्वच्छता तक : ईएमसीटी ने बच्चों के लिए आयोजित किया बहुआयामी ज्ञानवर्धक कार्यक्रम
ग्रेटर नोएडा, 12 जुलाई। बच्चों के सर्वांगीण विकास को लक्ष्य बनाते हुए सामाजिक संस्था ईएमसीटी द्वारा आज प्राथमिक विद्यालय, छोटी मिल्क बिसरख में एक विशेष बहुआयामी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, और व्यक्तिगत देखभाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रोचक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
तकनीकी शिक्षा सत्र में इंद्रप्रस्थ सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT-Delhi) के विद्यार्थियों — युग ब्रह्मभट्ट, शिवांक राजपूत, अर्नव मक्कड़, आलभ्य झा, अलतमश हसनैन, व्योम सितापारा और डेमेरा सत्य — ने मिलकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI पर एक संवादात्मक कार्यशाला आयोजित की।
कार्यशाला के दौरान बच्चों को बताया गया कि AI क्या है, यह कैसे कार्य करता है, इमेज जेनरेशन की प्रक्रिया क्या होती है, और किस प्रकार हम AI को निर्देश देकर अपनी कल्पनाओं को साकार कर सकते हैं। सत्र को इस तरह से डिजाइन किया गया कि बच्चे न केवल तकनीक को समझ सकें बल्कि अपने स्कूल से संबंधित सवालों को भी पूछ सकें। इस सत्र में कक्षा तीन से पाँच तक के छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में स्वास्थ्य और स्वच्छता पर आधारित विशेष सत्र का आयोजन किया गया, जिसका संचालन दिल्ली से आईं सैलून संचालिका सीमा खुराना ने अपनी टीम के साथ किया। उन्होंने बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता, साफ-सफाई की आदतें और एक सुगठित जीवनशैली के महत्व को सरल और प्रभावशाली तरीके से समझाया।
कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के लिए एक सलून-स्टाइल हेयरकट सेशन भी आयोजित किया गया, जिससे न सिर्फ बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
इस अवसर पर ईएमसीटी की संस्थापक एवं समाजसेविका रश्मि पाण्डेय, विद्यालय के प्रमुखाध्यापक इकरार ख़ान, शिक्षिकाएं सरोज मौर्य, शालिनी चक्रवर्ती और पिंकी सहित अनेक गणमान्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
ईएमसीटी का उद्देश्य है कि बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखते हुए, उन्हें तकनीक, जीवन-कौशल, स्वास्थ्य और संस्कारों से जोड़कर एक सशक्त और आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में विकसित किया जा सके।
इस आयोजन ने बच्चों के भीतर नई चेतना, उत्साह और आत्मबल का संचार किया।
