ग्रेटर नोएडा में बनेगा ₹5000 करोड़ का मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क, मुख्य सचिव ने की स्कीम की गहन समीक्षा
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क (MMLP) स्कीम को लेकर बृहस्पतिवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एवं नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह ने भाग लिया। यह परियोजना सेक्टर कप्पा-2, दादरी में 174 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और ईस्टर्न वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के निकट स्थित है।
प्रस्तुतिकरण और कंपनियों की भागीदारी
बैठक में तीन प्रमुख कंपनियों — सुपर हैंडलर्स प्रा. लिमिटेड, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड, और इंपेजर लॉजिस्टिक प्रा. लिमिटेड — ने अपने प्रस्तावों का प्रस्तुतिकरण किया। इन प्रस्तावों की अंतिम समीक्षा एक उच्चस्तरीय समिति द्वारा की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्य सचिव करेंगे।
परियोजना की विशेषताएं और लाभ
- ₹5000 करोड़ से अधिक का निवेश संभावित
- 15,000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे
- इंटरमॉडल कंटेनर टर्मिनल की सुविधा, जिससे सड़क, रेल और हवाई मार्ग से माल ढुलाई संभव होगी
- ऑटोमेटेड कोल्ड स्टोरेज, बॉन्डेड व गैर-बॉन्डेड वेयरहाउसिंग, फ्रेट फॉरवर्डिंग, और कस्टम क्लियरेंस की सुविधाएं उपलब्ध होंगी
- स्किल डेवलपमेंट सेंटर की स्थापना, जिससे लॉजिस्टिक क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होंगे
स्थान की रणनीतिक महत्ता
यह लॉजिस्टिक पार्क 250 एकड़ के इनलैंड कंटेनर डिपो के पास स्थित होगा, जिसे कॉनकॉर द्वारा संचालित किया जाता है। इससे यह क्षेत्र एनसीआर का प्रमुख लॉजिस्टिक हब बनने की ओर अग्रसर होगा।
बैठक में उपस्थित अधिकारीगण
बैठक में सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा सीईओ डॉ. लोकेश एम, यीडा सीईओ आरके सिंह, डीएम मनीष कुमार वर्मा, एसीईओ प्रेरणा सिंह, सौम्य श्रीवास्तव, सुनील कुमार सिंह, श्रीलक्ष्मी वीएस, सुमित यादव, ओएसडी शैलेन्द्र कुमार भाटिया, जीएम विनोद कुमार, लीनू सहगल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क नीति 2024 के तहत विकसित की जा रही है, जो निवेशकों को विशेष प्रोत्साहन प्रदान करती है। यह ग्रेटर नोएडा को वैश्विक लॉजिस्टिक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
