फर्जी ISO सर्टिफिकेट और ब्रांडिंग के नाम पर लाखों की ठगी, बिसरख पुलिस ने गिरोह का किया भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार
- NX-One स्थित ऑफिस से छापेमारी में 9 लैपटॉप, 60 फर्जी सर्टिफिकेट, मोबाइल, टैबलेट और स्वाइप मशीन बरामद
सेक्टर-63 से ऑफिस शिफ्ट कर रहे थे नेटवर्क, पहले से भी दर्ज हैं कई मुकदमे
ग्रेटर नोएडा।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की बिसरख थाना पुलिस ने फर्जी ब्रांडिंग और मार्केटिंग कंपनी के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस नेटवर्क के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो ISO सर्टिफिकेट, डिजिटल मार्केटिंग, वेबसाइट डेवलपमेंट, बारकोड और विज्ञापन के नाम पर देशभर के उत्पादकों को झांसे में लेकर मोटी रकम वसूलते थे। गिरोह द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सोशल मीडिया पर झूठा प्रचार कर ठगी करने का मामला सामने आया है।
कंपनी ने बनाया झांसे का जाल
इंडिको रिटेल प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के संचालक ने शिकायत दी थी कि उन्होंने अपनी घी और मुरब्बा की ब्रांडिंग के लिए ब्रांडौलाजी मार्केटिंग प्रा.लि. नामक कंपनी से संपर्क किया था, जिसने उन्हें ISO सर्टिफिकेट और डिजिटल प्रमोशन के नाम पर ₹3,28,170 ठग लिए। न तो ब्रांडिंग हुई, न ही कोई वैध सर्टिफिकेट मिला।
कंपनी का तरीका: विश्वास दिलाकर शिकार बनाना
गिरोह के सदस्य उत्पादकों से यह कहकर पैसे वसूलते थे कि वे उनके प्रोडक्ट्स को बड़े डिस्ट्रीब्यूटर्स तक पहुंचाएंगे और ISO सर्टिफिकेट दिलवाएंगे। इसके बाद ये लोग खुद ही फर्जी वेबसाइट बनाकर प्रमाणपत्र जारी कर देते थे। जब विक्रेता सवाल करता, तो उसे बहाने बनाकर टरकाया जाता और अंत में कहा जाता कि आपके उत्पाद की गुणवत्ता खराब है, इसलिए कोई डिस्ट्रीब्यूटर नहीं मिल रहा।
गिरफ्तार आरोपी और भूमिकाएं
गिरफ्तार अभियुक्तों में मयंक तिवारी (मुख्य संचालक), विकास शर्मा (सेल्स एग्जीक्यूटिव), प्रदीप यादव (एडवरटाइजिंग), अविनाश गिरी (वेब डेवलपर), प्रदीप कुमार यादव (सहयोगी) और केशव (फर्जी सर्टिफिकेट व वेबसाइट निर्माण) शामिल हैं। सभी अभियुक्त अलग-अलग राज्यों से हैं और ग्रेटर नोएडा में एनएक्स-वन ऑफिस से अपना नेटवर्क चला रहे थे।
अभी तक के आपराधिक मामले:
इन सभी आरोपियों पर पहले से भी थाना बिसरख में धारा 316(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस व IT एक्ट 66D के तहत केस दर्ज हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इनके झांसे में और भी कई कंपनियां आ चुकी हैं।
बरामद हुआ भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान और फर्जी दस्तावेज
पुलिस ने छापेमारी में गिरोह से 9 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, एक स्वाइप मशीन और करीब 60 फर्जी आईएसओ सर्टिफिकेट सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
कमिश्नरेट की सतर्कता से बची और ठगी
गौतमबुद्धनगर पुलिस की इस कार्रवाई से उन सैकड़ों उद्यमियों को राहत मिली है, जो ब्रांडिंग के नाम पर ठगी का शिकार बन सकते थे। बिसरख थाना पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय मानी जा रही है, जिससे डिजिटल फ्रॉड के संगठित गिरोह पर लगाम लगी है।
पुलिस ने की जनता से अपील
पुलिस ने अपील की है कि कोई भी ISO सर्टिफिकेशन, डिजिटल मार्केटिंग या ब्रांड प्रमोशन कंपनी से जुड़ने से पहले उसकी साख, दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन की जांच जरूर करें।
