गौतम बुद्ध नगर में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान का शुभारंभ: न्यायालयों में त्वरित समाधान की दिशा में सशक्त पहल
गौतम बुद्ध नगर, 09 जुलाई 2025 — राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली तथा मीडिएशन एवं कॉन्सिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वोच्च न्यायालय के संयुक्त तत्वाधान में देशभर में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान का आयोजन 1 जुलाई से 30 दिसंबर 2025 तक किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य लंबित वादों का आपसी समझौते से त्वरित एवं किफायती समाधान सुनिश्चित करना है।
जनपद न्यायाधीश की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए माननीय जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह की अध्यक्षता में जिला न्यायालय परिसर में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में चंद्र मोहन श्रीवास्तव (अपर जिला जज व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण), राजेश कुमार मिश्रा (अपर जिला जज व नोडल अधिकारी) सहित सभी मध्यस्थगण उपस्थित रहे।
किन मामलों को शामिल किया गया है? अभियान में ऐसे दीवानी व आपराधिक मामलों को लिया जाएगा जो समझौते योग्य हैं:
- वैवाहिक विवाद
- घरेलू हिंसा व दुर्घटना विवाद
- चेक बाउंस
- वाणिज्यिक व सेवा विवाद
- उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े मामले
- संपत्ति बंटवारा व बेदखली जैसे दीवानी मामले
जनपद न्यायाधीश की अपील जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने आमजन से अपील की कि वे जुलाई माह में अपने संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र दाखिल कर मध्यस्थता के लाभ प्राप्त करें। इससे न केवल समय और धन की बचत होगी, बल्कि मानसिक शांति भी मिलेगी।
बैठक में उपस्थित रहे यह वरिष्ठ मध्यस्थगण उषा राठौर, शिखर ठकराल, अवधेश कुमार शर्मा, अमित कुमार कटारिया, विमलेश रावल, चरण सिंह भाटी, यतेन्द्र कुमार शर्मा, दीपा जैन, यशेन्द्र सिंह चौहान, प्रमोद कुमार शर्मा, बलराम सिंह
यह अभियान न्याय तक सरल पहुंच और समाधान आधारित विधिक संस्कृति को बढ़ावा देने का एक प्रभावशाली प्रयास है।
