फर्जी मार्कशीट गिरोह का भंडाफोड़: दो गिरफ्तार, बड़ी मात्रा में नकली दस्तावेज और उपकरण बरामद
थाना फेस-1 पुलिस की बड़ी कामयाबी, नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी करते थे आरोपी
नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की फेस-1 थाना पुलिस ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से बड़ी मात्रा में नकली दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और बैंकिंग सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अभिमन्यु गुप्ता और धर्मेन्द्र गुप्ता हैं, जो कानपुर के मूल निवासी हैं और वर्तमान में नोएडा में रह रहे थे।
कब और कहां हुई गिरफ्तारी
फेस-1 थाना पुलिस ने 2 जुलाई 2025 को जल बोर्ड ऑफिस सेक्टर-1, नोएडा के पास से दोनों आरोपियों को धर दबोचा।
गिरोह का अपराध करने का तरीका
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी बेरोजगार युवाओं, परीक्षा में फेल हो चुके छात्रों और नौकरी की उम्र पार कर चुके लोगों के लिए फर्जी मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज तैयार करते थे।
ये दस्तावेज अलग-अलग विश्वविद्यालयों और बोर्डों से जुड़े होने का झूठा दावा करते थे। ग्राहकों की मांग पर उनकी आयु, अंक और प्रतिशत अंक तय कर मार्कशीट तैयार की जाती थी। इस काम के लिए ये इंटरनेट (गूगल) से डेटा जुटाते थे। इसके बदले में ग्राहकों से 80 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:
- अभिमन्यु गुप्ता पुत्र रतनेश गुप्ता, मूल निवासी रतनलाल नगर, थाना गोविंद नगर, कानपुर। वर्तमान में सेक्टर-100, नोएडा में रह रहा था। उम्र 40 वर्ष।
- धर्मेन्द्र गुप्ता पुत्र प्रेम कुमार गुप्ता, मूल निवासी बर्रा-4, थाना बर्रा, कानपुर। वर्तमान में सेक्टर-99, नोएडा में रह रहा था। उम्र 42 वर्ष।
पंजीकृत मुकदमा:
थाना फेस-1 नोएडा में इनके खिलाफ मु.अ.सं. 262/2025 धारा 318(4)/338/336(3)/340(2)/3(5) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है।
बरामदगी का विवरण:
- 66 फर्जी मार्कशीट
- 7 माइग्रेशन सर्टिफिकेट
- 22 रिज्यूम
- 14 प्लेन परीक्षा कॉपी
- 9 डाटा शीट
- 4 फर्जी मुहर
- 1 इंकपैड
- 2 लैपटॉप (एचपी कंपनी)
- 2 प्रिंटर (एचपी/एप्सन)
- 1 लैंडलाइन फोन
- 14 चेक बुक (अलग-अलग बैंकों की)
- 5 कैश डिपॉजिट स्लिप बुक
- 1 पासबुक (पीएनबी बैंक)
- 8 रसीद बुक
- 8 एटीएम/डेबिट/क्रेडिट कार्ड
- 7 मोबाइल फोन
- 9 मोबाइल सिम कार्ड
- 2 कार (अपराध में प्रयुक्त)
पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है। गिरोह से संबंधित तकनीकी उपकरणों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी। थाना फेस-1 की इस कार्रवाई को जिले में शिक्षा व नौकरी से जुड़े फर्जीवाड़े पर एक सख्त प्रहार माना जा रहा है।
