महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का लोकार्पण, राष्ट्रपति मुर्मु बोलीं—आयुष पुनर्जागरण का ऐतिहासिक पर्व
गोरखपुर, 1 जुलाई:
गोरखपुर की योगधरा भूमि पर मंगलवार को एक ऐतिहासिक पल साक्षात हुआ, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का भव्य लोकार्पण किया। 52 एकड़ में फैला यह विश्वविद्यालय प्रदेश का पहला आयुष आधारित शिक्षण संस्थान है, जिसे 268 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने किया योग, आयुर्वेद और नाथ परंपरा का सम्मान:
राष्ट्रपति ने कहा कि यह विश्वविद्यालय केवल भवनों का समूह नहीं, बल्कि भारत की आयुष परंपराओं के पुनर्जागरण का उत्सव है। उन्होंने गोरखनाथ परंपरा की महत्ता बताते हुए कहा कि यह धरती आध्यात्मिक ऊर्जा, राष्ट्रप्रेम और बलिदानों की प्रेरणा है।
शिक्षा, शोध और सेवा का अनोखा संगम:
यह संस्थान मेडिकल एजुकेशन, आयुर्वेद, नर्सिंग, फार्मेसी और प्राकृतिक चिकित्सा में स्नातक से लेकर शोध स्तर तक शिक्षा देगा। करीब 100 आयुष कॉलेज इस विश्वविद्यालय से जुड़कर गुणवत्ता बढ़ाएंगे।
आयुष को मिलेगा वैश्विक मंच:
महामहिम ने बताया कि यह केंद्र पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतारने में सहायक बनेगा। यहां जड़ी-बूटियों पर शोध, रोजगारपरक पाठ्यक्रम और वैश्विक स्तर पर मान्यता की दिशा में कार्य होगा।
योगी आदित्यनाथ के “अथक” परिश्रम की सराहना:
राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री योगी को जनसेवा के प्रति समर्पित बताते हुए कहा कि योग और साधना से ही उनका ऊर्जा स्रोत है। उन्होंने कहा कि यही ऊर्जा प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा में हो रहे परिवर्तन का आधार है।
गीताप्रेस और गोरखपुर की विरासत का गौरवगान:
राष्ट्रपति ने गीताप्रेस की भूमिका की सराहना करते हुए उसे भारतीय संस्कृति का प्रहरी बताया। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर, वहां की आध्यात्मिक संपदा को गोरखपुर की अमूल्य सौगात कहा।
योग को बताया आज की जीवनशैली का हिस्सा:
कम फिजिकल वर्क करने वालों को योग अपनाने की सलाह देते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का भविष्य स्वस्थ, समृद्ध और आत्मनिर्भर तभी बनेगा जब आयुष जैसी पद्धतियां जनसामान्य तक पहुंचेंगी।
उपस्थित रहे कई प्रमुख हस्तियां:
कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ, सांसद रवि किशन, मंत्रीगण और कुलपति प्रो. रामचंद्र रेड्डी समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
