गोरखपुर को “नॉलेज सिटी” बनाने की ओर कदम बढ़ाता महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय
गोरखपुर, 27 जून 2025
स्थापना के मात्र चार वर्षों में महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय (एमजीयूजी) ने शिक्षा, चिकित्सा और अनुसंधान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। 1 जुलाई को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विश्वविद्यालय परिसर में अकादमिक भवन, ऑडिटोरियम, पंचकर्म केंद्र का लोकार्पण और गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास करेंगी।
🎓 रोजगारपरक शिक्षा की नई परिभाषा
एमजीयूजी तेजी से एक राष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है जहाँ BAMS, MBBS, नर्सिंग, पैरामेडिकल, एलाइड हेल्थ साइंसेज़, फार्मेसी, एग्रीकल्चर और मैनेजमेंट से जुड़े रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
🌐 विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
विश्वविद्यालय ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों जैसे एम्स गोरखपुर, केजीएमयू लखनऊ, दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय, लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय (नेपाल), और वैद्यनाथ आयुर्वेद सहित कई संस्थानों के साथ MoU किए हैं, जिससे उच्च स्तरीय शोध व स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा।
📚 भारतीय मूल्यों और नवाचार का संगम
कुलपति डॉ. सुरिंदर सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में शिक्षा को भारतीय परंपरा, आधुनिक जरूरतों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप डिजाइन किया गया है। वहीं कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव ने इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक ठोस कदम बताया।
🌟 2032 तक गोरखपुर ‘नॉलेज सिटी’ के रूप में विकसित होगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच के अनुरूप विश्वविद्यालय ज्ञान, स्वावलंबन और सामाजिक विकास का केंद्र बन रहा है और गोरखपुर को शैक्षिक मानचित्र पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अग्रसर है।
