ईपीसीएच ने सौंपी नई जिम्मेदारी, “विजन 2025–2035” से भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक मंच देने की तैयारी
नई दिल्ली, 26 जून 2025 —
हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने क्षेत्रीय नेतृत्व को और अधिक सशक्त करते हुए “विजन 2025–2035” के तहत भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में कदम तेज़ कर दिए हैं। इसी क्रम में श्री अवधेश अग्रवाल को ईपीसीएच इंडिया का मुख्य संयोजक नियुक्त किया गया है। वे हस्तशिल्प क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं।
इस अवसर पर ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर. के. वर्मा ने बताया कि श्री अग्रवाल अब पूरे देश में निर्यात संवर्धन पहलों का समन्वय करेंगे और “विजन 2025–2035” के तहत दीर्घकालिक रणनीतिक योजना का नेतृत्व करेंगे, जिसका उद्देश्य भारत को हस्तशिल्प निर्यात में वैश्विक नेता बनाना है।
बैठक में उपस्थित रहे प्रमुख प्रतिनिधि:
ईपीसीएच के अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, सीओए सदस्य रवि के पासी, ओ. पी. प्रहलादका, राज कुमार मल्होत्रा, पूर्व अध्यक्ष जेस्मिना जेलियांग, निर्यातक के.एल. रमेश सहित वरिष्ठ अधिकारीगण।
डॉ. खन्ना ने समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्रीय सशक्तिकरण, डिजिटल परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए परिषद की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि समावेशी विकास और स्थायी निर्यात वृद्धि के लिए यह कदम निर्णायक है।
ईपीसीएच के अनुसार वित्त वर्ष 2024–25 में भारत का कुल हस्तशिल्प निर्यात 33,123 करोड़ रुपये (3,918 मिलियन USD) रहा है, जो कारीगरों के योगदान और इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दर्शाता है।
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