ग्रेटर नोएडा के एसटीपी होंगे हाईटेक: बादलपुर से शुरू हुई निगरानी की नई तकनीक, जल्द कासना और इकोटेक पर भी सिस्टम होगा एक्टिव
ग्रेटर नोएडा — स्वच्छता और पर्यावरण प्रबंधन की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को ऑनलाइन कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस अत्याधुनिक सिस्टम से अधिकारी अब अपने कार्यालय से ही एसटीपी के संचालन और पानी की गुणवत्ता की रीयल टाइम निगरानी कर सकेंगे।
इस पहल की शुरुआत बादलपुर एसटीपी से हो चुकी है, जिसकी क्षमता 2 एमएलडी है। अब यह सिस्टम जल्द ही इकोटेक-2 (15 एमएलडी), इकोटेक-3 (20 एमएलडी) और 137 एमएलडी क्षमता वाले कासना एसटीपी पर भी लगाया जाएगा। प्राधिकरण ने इसके लिए तेजी से काम शुरू कर दिया है।
📊 कैसे काम करेगा यह सिस्टम:
ऑनलाइन कंट्रोल मॉनिटरिंग सिस्टम के ज़रिए एसटीपी के इनपुट और आउटपुट जल की गुणवत्ता, खासकर बीओडी और सीओडी स्तर, मोबाइल या लैपटॉप से देखे जा सकेंगे। इससे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कांट्रैक्टर्स और नमामि गंगे परियोजना की अथॉरिटी भी निगरानी कर सकेगी।
💬 वरिष्ठ प्रबंधक विनोद शर्मा ने बताया कि यह सिस्टम छह डिवाइस से एक साथ जुड़ सकता है और सटीक आंकड़े समय पर उपलब्ध होंगे, जिससे संचालन अधिक प्रभावी होगा।
📈 प्रमुख एसटीपी और उनकी क्षमता:
– बादलपुर – 2 एमएलडी
– इकोटेक-2 – 15 एमएलडी
– इकोटेक-3 – 20 एमएलडी
– कासना – 137 एमएलडी
इस योजना को ग्रेटर नोएडा को स्मार्ट और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। एसटीपी की मॉनिटरिंग अब डिजिटल हो चली है — तकनीक और जिम्मेदारी का यह संयोग वाकई सराहनीय है।
