50 लाख की साइबर ठगी करने वाला दिल्ली से गिरफ्तार, डिजिटल अरेस्ट का बनाया था झांसा
- साइबर क्राइम थाना नोएडा की बड़ी कार्रवाई, आरोपी से 2.5 लाख रुपये फ्रीज़, गैंग के अन्य सदस्य अभी फरार
नोएडा। थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस ने 50 लाख रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर साइबर अपराधी को दिल्ली से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरफ्तारी 17 जून 2025 को गुप्त सूचना के आधार पर की गई। आरोपी ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताकर पीड़िता को मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी दी और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
क्या था मामला:
पीड़िता ने 26 मई 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसे वाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया। उसने मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप में गिरफ्तार करने की धमकी दी और फर्जी दस्तावेज भेजे। डरी-सहमी महिला से 50 लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। पुलिस ने मामला मु.अ.सं. 0047/2025 धारा 308(2), 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस और IT एक्ट की धाराओं के तहत दर्ज किया।
जांच में क्या मिला:
अभियुक्त सुमित पुत्र ओम प्रकाश, निवासी ओल्ड चंद्रावल, सिविल लाइंस, दिल्ली, को गिरफ्तार किया गया।
उसके पास से यस बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के खातों में कुल 18 लाख रुपये की निकासी के सबूत मिले।
2,57,179 रुपये की धनराशि को फ्रीज़ कर रिफंड प्रक्रिया शुरू की गई है।
आरोपी के खिलाफ NCRP पोर्टल पर दो राज्यों (उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र) से शिकायते दर्ज हैं।
एक अन्य आरोपी को पहले ही 3 जून को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस की चेतावनी:
नोएडा साइबर सेल ने आमजन को आगाह करते हुए कहा है कि:
किसी भी अज्ञात वीडियो कॉल या व्हाट्सएप कॉल पर सरकारी अधिकारी का झांसा देने वाले से सावधान रहें।
मनी लॉन्ड्रिंग, हवाला या किसी पार्सल की जानकारी के बहाने डराने पर विश्वास न करें।
डरने की बजाय, तुरंत अपने नजदीकी साइबर थाना या स्थानीय थाने में शिकायत करें।
नागरिकों को सलाह:
1. किसी भी वीडियो कॉल पर पुलिस की वर्दी देखकर भ्रमित न हों।
2. भेजे गए डॉक्यूमेंट्स की जांच सरकारी वेबसाइट्स या हेल्पलाइन से जरूर करें।
3. किसी भी डराने-धमकाने वाले कॉल पर निजी जानकारी साझा न करें।
4. बैंक खाता खुलने या पैसे आने की सूचना मिलते ही संबंधित बैंक में जाकर स्थिति स्पष्ट करें।
साइबर सेल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है। पुलिस ने साइबर जागरूकता के लिए आम जनता से सतर्क रहने और संदेहास्पद कॉल्स की सूचना तुरंत देने की अपील की है।
