उत्तर प्रदेश के शहरों में आएगा बड़ा बदलाव: योगी सरकार ने 2026 से 2031 तक ₹1.29 लाख करोड़ की महायोजना तैयार की
लखनऊ, 13 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से ‘उत्तम प्रदेश’ की दिशा में अग्रसर हो रहा है। अब योगी सरकार ने शहरी विकास को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए ₹1.29 लाख करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है, जो वर्ष 2026 से 2031 तक राज्य के शहरों को आधुनिक, सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने का रोडमैप प्रस्तुत करती है।
हाल ही में केंद्रीय वित्त आयोग के समक्ष सरकार ने इस योजना को प्रस्तुत किया, जो शहरी जीवन की गुणवत्ता को बेहतर करने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर आधारित है। यह योजना उत्तर प्रदेश को देश के सबसे विकसित और स्मार्ट शहरी राज्यों में शामिल करने का मील का पत्थर साबित होगी।
सड़कों से लेकर सीवरेज तक होगा कायाकल्प
योजना में शहरी क्षेत्रों में एकीकृत सड़क नेटवर्क के विकास के लिए ₹30,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह शहरों के भीतर और उप-शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुगम बनाएगा।
- ₹27,500 करोड़ की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना शहरी बाढ़ से निपटने में मदद करेगी।
- सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन के लिए ₹15,000 करोड़, जबकि उसके रखरखाव हेतु ₹5,387 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
- शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए ₹9,900 करोड़, और रखरखाव हेतु ₹8,286 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
पर्यावरण संरक्षण में उत्तर प्रदेश बनेगा मॉडल राज्य
पर्यावरण संतुलन और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू होंगी:
- ₹1,265 करोड़ की शहरी हरियाली और बागवानी परियोजना
- ₹990 करोड़ की इलेक्ट्रिक श्मशान घाट योजना
- ₹3,120 करोड़ वायु गुणवत्ता प्रबंधन पर खर्च — NCR और अन्य नगर निगमों के लिए
यह प्रयास उत्तर प्रदेश को एक हरित और पर्यावरण-अनुकूल राज्य के रूप में स्थापित करेगा।
सामाजिक कल्याण और तकनीकी नवाचार को प्राथमिकता
योगी सरकार की इस योजना में महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और युवाओं के लिए भी खास व्यवस्था की गई है:
- ₹1,490 करोड़ की डिजिटल लाइब्रेरी परियोजना
- ₹1,400 करोड़ की स्मार्ट पालिका योजना
- ₹350 करोड़ सुरक्षित शहर परियोजना (महिलाओं और बच्चों के लिए)
- ₹850 करोड़ वरिष्ठ नागरिक देखभाल योजना
- ₹525 करोड़ पशु कल्याण योजना
- ₹1,450 करोड़ के सभागार, ₹1,000 करोड़ के ओपन जिम, ₹5,935 करोड़ की शहरी गतिशीलता परियोजनाएं
यूपी के शहर होंगे आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक से सुसज्जित
योगी सरकार का यह शहरी विकास प्लान न केवल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखता है, बल्कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाला एक समावेशी और सशक्तिकरण आधारित मॉडल है।
इस योजना के प्रभाव से उत्तर प्रदेश के शहर आधुनिक बुनियादी सुविधाओं, बेहतर जीवन स्तर और मजबूत पर्यावरणीय आधार के साथ एक नई पहचान गढ़ेंगे।
इस योजना का उद्देश्य:
“उत्तर प्रदेश को बनाना है स्मार्ट, हरित और समावेशी शहरों वाला उत्तम प्रदेश।”
