अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक रहा यूपी टूरिज्म: योगी सरकार की योजनाओं से पर्यटन को मिले पंख, रिकॉर्ड तोड़ रहा आंकड़ों का ग्राफ
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के योजनाबद्ध प्रयासों का नतीजा है कि राज्य का पर्यटन क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छू रहा है। WTTC की रिपोर्ट के अनुसार भारत का पर्यटन क्षेत्र 2025 तक 22 लाख करोड़ रुपये की आर्थिक भागीदारी और 48 मिलियन रोजगार तक पहुंच सकता है, जिसमें यूपी की भागीदारी अहम होगी।
अयोध्या, काशी, मथुरा, प्रयागराज, कुशीनगर, नैमिषारण्य जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। 4560 करोड़ रुपये की लागत से 272 मार्गों का विकास, हेलीपोर्ट सेवा, शोध संस्थान, थीम पार्क और वेद अध्ययन केंद्र जैसे प्रोजेक्ट धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रहे हैं।
पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और अनुभव को प्राथमिकता देते हुए सरकार रामायण, बौद्ध, कृष्ण ब्रज, शक्तिपीठ और जैन सर्किट समेत कई सर्किट विकसित कर रही है। इसके साथ ही काशी विश्वनाथ धाम, विंध्यधाम कॉरिडोर, अयोध्या शोध संस्थान जैसे बड़े प्रोजेक्ट राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दे रहे हैं।
2023-2024 के पर्यटक आंकड़े इसका प्रमाण हैं—अयोध्या में 5.76 करोड़ से बढ़कर 16.44 करोड़, काशी में 10.18 से 11 करोड़, और मथुरा में 7.79 से 9 करोड़ पर्यटकों की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। वहीं 2025 के महाकुंभ से जुड़े अनुमान दर्शाते हैं कि यह वर्ष पर्यटन के लिहाज से एक नया इतिहास रच सकता है।
