जैन आचार्य लोकेशजी ने किया अखिल भारतीय मेयर व आरडब्ल्यूए शिखर सम्मेलन का उद्घाटन, कहा – “संयमित जीवनशैली से जल और पर्यावरण संरक्षण संभव”
ग्रेटर नोएडा, 6 जून 2025 इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित अखिल भारतीय मेयर व आरडब्ल्यूए शिखर सम्मेलन का भव्य उद्घाटन विश्व शांति केंद्र एवं अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैनाचार्य लोकेशजी के करकमलों से हुआ। उनके साथ मंच साझा किया SKODA ग्रुप के सलाहकार राजन छिब्बर, मेजर जनरल डॉ रवि, और राष्ट्रीय अध्यक्ष कर्नल टी. पी. त्यागी ने। इस अवसर पर आयोजकों द्वारा आचार्य लोकेशजी का मोमेंटो भेंट कर सम्मान किया गया।
सम्मेलन का आयोजन कॉन्फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस द्वारा वेस्ट और वॉटर मैनेजमेंट विषय पर किया गया, जिसमें देशभर के मेयरों व आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। मंच से गाजियाबाद की मेयर सुनिता दयाल, प्रयागराज के मेयर गणेश केसरवानी, अमृतसर के मेयर जे. एस. भाटिया, दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह, देहरादून के मेयर सौरभ थापलिया, बलारी के मेयर एम. नदिशा, जामनगर के मेयर विनोदभाई किमसूर्या, पणजी के मेयर रोहित मोंसेरते सहित कई जनप्रतिनिधियों ने संबोधित किया। गाजियाबाद के सिटी कमिश्नर IAS विक्रमादित्य सिंह मालिक और जम्मू के पूर्व मेयर चंद्र मोहन गुप्ता भी उपस्थित रहे।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए संबोधित करते हुए कहा,
“वेस्ट और वॉटर मैनेजमेंट केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, यह समाज के हर वर्ग — व्यक्ति, संस्था, आरडब्ल्यूए, उद्योग व सरकार — की साझी ज़िम्मेदारी है। यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और सतत विकास के लिए अनिवार्य है।”
जैनाचार्य लोकेशजी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा:
“पृथ्वी पर जल की मात्रा सीमित है। इसके दुरुपयोग से सूखा, बाढ़ और अन्य पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो सकते हैं। संयमित जीवनशैली अपनाकर ही हम जल और पर्यावरण का संरक्षण कर सकते हैं। नागरिकों का यह कर्तव्य है कि वे जल संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करें, प्रदूषण रोकें और संसाधनों को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखें।”
इस सम्मेलन के आयोजन व संचालन में श्री स्वदेश कुमार, बी. टी. श्रीनिवासन, डॉ. पावन कौशिक, मुकेश अग्रवाल, वी. वी. राव और एम. के. बीरन ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। देशभर से आए आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
यह शिखर सम्मेलन न केवल पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का माध्यम बना, बल्कि सामूहिक प्रयासों के महत्व को भी रेखांकित करता है।
