फर्जी तरीके से प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराने आए व्यक्ति को प्राधिकरण ने पकड़ा, पुलिस ने भेजा जेल
ग्रेटर नोएडा, 29 मई।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के संपत्ति विभाग की सतर्कता से एक बड़ा फर्जीवाड़ा होने से बच गया। सेक्टर पी-3 में स्थित भूखंड संख्या डी-138, जो मूल रूप से पी.पी. सिंह के नाम आवंटित है, को फर्जी तरीके से ट्रांसफर कराने के प्रयास में एक व्यक्ति बुधवार को प्राधिकरण कार्यालय पहुंचा। संदेह होने पर प्राधिकरण स्टाफ ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, उक्त भूखंड के ट्रांसफर के लिए आवेदन किया गया था। प्रक्रिया के तहत फिजिकल वेरीफिकेशन के लिए जब व्यक्ति संपत्ति विभाग में पहुंचा, तो विभाग की प्रबंधक को उसके व्यवहार और दस्तावेजों में गड़बड़ी का संदेह हुआ। आधार कार्ड का ब्योरा, फोटो और जन्मतिथि मूल फाइल से मेल नहीं खा रहे थे। मामले की पड़ताल के दौरान फर्जीवाड़े की आशंका प्रबल हुई।
मौके पर ग्रेटर नोएडा एम्पलाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सोनू भड़ाना भी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया। प्राधिकरण के प्रबंधक राजेश सिंह की ओर से दी गई तहरीर पर सूरजपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ। प्रारंभिक जांच में आरोपी की पहचान महिपाल पुत्र चंद्रपाल सिंह के रूप में हुई है।
प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि प्रॉपर्टी के लेनदेन में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। प्राधिकरण के सीईओ एन.जी. रवि कुमार ने संपत्ति विभाग समेत सभी संबंधित इकाइयों को फिजिकल वेरीफिकेशन की प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं।
यह कार्रवाई संपत्ति विभाग की सतर्कता का प्रमाण है और भविष्य में ऐसे मामलों में कड़ी निगरानी की तैयारी का संकेत भी देती है।
