फिल्म सिटी के लेआउट प्लान पर Yamuna Authority ने जताई सख्त आपत्ति, बोनी कपूर की कंपनी को एक हफ्ते में संशोधन का निर्देश
ग्रेटर नोएडा। अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी का निर्माण कार्य शुरू होने से पहले ही अड़चनों में घिर गया है। निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर की कंपनी बेव्यू प्रोजेक्ट्स एलएलपी ने जो लेआउट प्लान तैयार किया है, वह यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मानकों पर खरा नहीं उतरा। मंगलवार को यीडा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कंपनी को एक सप्ताह में संशोधित प्लान जमा करने का निर्देश दिया है।
सोमवार को बेव्यू प्रोजेक्ट्स एलएलपी ने यीडा को फिल्म सिटी का विस्तृत लेआउट प्लान सौंपा था। प्राधिकरण ने प्लान की समीक्षा की, जिसमें पाया गया कि भू-उपयोग के हिसाब से प्लान में स्पष्टता नहीं है। फेस-एक में व्यवसायिक गतिविधियों को दर्शाया गया है, जबकि इस हिस्से में फिल्म स्टूडियो, साउंड स्टेज, पोस्ट प्रोडक्शन यूनिट और इंस्टीट्यूट जैसी फिल्म संबंधी गतिविधियां प्रस्तावित थीं। इसके अलावा, आरक्षित हरित क्षेत्र में फेरबदल किया गया है और अग्निशमन विभाग की एनओसी व स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी ऑडिट का उल्लेख नहीं किया गया।
यीडा के मुताबिक पहले फेस का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही फेस-दो और तीन का 770 एकड़ क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यीडा ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कंपनी को पत्र जारी कर एक सप्ताह के भीतर संशोधित लेआउट प्लान प्रस्तुत करने को कहा है, जिसके बाद ही आवश्यक अनुमोदन दिए जाएंगे।
फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में विकसित की जानी है। पहले चरण में 230 एकड़ भूमि पर काम शुरू होगा, जिसकी अनुमानित लागत करीब 1510 करोड़ रुपये है। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अरुणवीर सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य पूरी तरह से समझौते के अनुसार ही होगा और किसी भी बदलाव के लिए पूर्व अनुमोदन अनिवार्य होगा। पार्किंग, लैंडस्केपिंग और बागवानी जैसी व्यवस्थाओं के लिए अलग से एनओसी लेनी होगी।
फिल्म सिटी के पहले चरण में 10,000 सीटों वाला कन्वेंशन सेंटर, भारतीय सिनेमा पर आधारित म्यूजियम, फिल्म फेस्टिवल क्षेत्र, गेस्ट हाउस, ऑडिटोरियम, कलाकारों के लिए आवासीय व्यवस्था, विभिन्न वास्तुकला शैलियों वाले छोटे स्टूडियो, बड़े साउंड स्टेज और अंडरवाटर शूटिंग स्टूडियो विकसित किए जाएंगे।
अब सबकी नजरें इस पर टिकी हैं कि क्या बोनी कपूर की कंपनी तय समय पर संशोधित प्लान जमा कर फिल्म सिटी के निर्माण की राह खोल पाएगी।
