शारदा विश्वविद्यालय में “राष्ट्रीय सुरक्षा में स्वदेशी का योगदान” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित
ग्रेटर नोएडा, 26 मई। शारदा विश्वविद्यालय में स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में “राष्ट्रीय सुरक्षा में स्वदेशी का योगदान: आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ते कदम” विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।
गोष्ठी में देश की रक्षा नीतियों, तकनीकी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा देने पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रमुख वक्ताओं में स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय सह विचार प्रमुख डॉ. राजीव कुमार, शारदा विश्वविद्यालय के एसोसिएट डीन (रिसर्च) डॉ. मोहित साहनी, पूर्व वायुसेना अधिकारी डॉ. दीपक शर्मा और मेरठ प्रांत संयोजक कपिल नारंग शामिल रहे।
उद्घाटन भाषण में डॉ. राजीव कुमार ने कहा, “राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सैन्य बल पर निर्भर नहीं, बल्कि तकनीकी, आर्थिक और औद्योगिक आत्मनिर्भरता भी उसकी मजबूत नींव है। स्वदेशी को बढ़ावा देकर हम न केवल देश की सुरक्षा को मजबूत करते हैं, बल्कि आर्थिक समृद्धि की ओर भी अग्रसर होते हैं।”
मुख्य वक्ता डॉ. दीपक शर्मा ने अपने 19 वर्षों के सेना अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में भारत को आत्मनिर्भर बनना ही होगा, और इसका रास्ता स्वदेशी जागरण से होकर गुजरता है। कपिल नारंग ने मंच की वैचारिक यात्रा और स्वदेशी आंदोलन की ऐतिहासिक भूमिका पर प्रकाश डाला।
गोष्ठी में विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार रखे। चर्चा ज्ञानवर्धक और प्रेरणास्पद सिद्ध हुई। शारदा विश्वविद्यालय ने इस आयोजन के माध्यम से युवा पीढ़ी को देश की रक्षा और विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मोहित साहनी ने दिया और मंच संचालन डॉ. शशांक शर्मा ने किया। इस अवसर पर श्री गिरीश कोटनाला, डॉ. ऋचा तोमर, डॉ. नीरज कौशिक, डॉ. गौरव, डॉ. दिव्या त्रिपाठी, डॉ. अमित अत्रि, डॉ. सुरेंदर, डॉ. सुशांत, डॉ. अंशु, डॉ. तरुण वार्ष्णेय, डॉ. हरमोहन, डॉ. सतीश, डॉ. कनुप्रिया, डॉ. पंकज त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
