ग्रेटर नोएडा में विश्व का सबसे बड़ा हस्तशिल्प मेला आईएचजीएफ का हुआ उद्घाटन

ग्रेटर नोएडा : विश्व के सबसे बड़े और आधुनिकतम मेले आईएचजीएफ- दिल्ली मेला Autumn 2018 का 14 अक्टबूर से आगाज हो गया. यह इस मेले का 46वां संस्करण है जिसका उद्घाटन केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टमटा ने किया. यह आयोजन ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में किया जा रहा है. जहां गृह-सज्जा, लाइफस्टाइल, फैशन और टेक्सटाइल उत्पादों की खरीदारी के लिए दुनियाभर के 110 देशों से अधिक के प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं. यह 18 अक्टूबर तक जारी रहेगा.हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) इसे मेले का आयोजन करती है.
HANDICRAFT MELA
The other dignitaries present during inauguration included Shri Ram Muivah, IAS, Secretary, North Eastern Council, Shri O.P. Prahladka, Chairman – EPCH, Ms. Jesmina Zeliang, President of the fair, Shri Mohan Singh Bhati and Mr. Ahmed Akberali Sundrani, Vice Presidents of the fair, Shri R. K. Passi, Vice Chairmen and Shri Sagar Mehta -EPCH, Shri Rakesh Kumar, ED, EPCH, foreign buyers, press and media.

मेले का उद्घाटन करते हुए, टमटा ने कहा कि यह मेला विदेशी खरीदारों के लिए हैंडीक्राफ्ट उत्पाद हासिल करने का महत्वपूर्ण स्रोत बन चुका है इसलिए भारतीय निर्यातक भी इस मेले को अपने कारोबार के लिए एक प्रभावशाली सोर्सिंग मीडियम मानते हैं. इस मेले की सफलता का सबसे बड़ा कारण यह है कि यह मेला खरीदारों औऱ विक्रेताओं, दोनों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है. इस बार इस मेले में 3200 से अधिक प्रदर्शनकर्ता हिस्सा ले रहे हैं जबकि 110 देशों से अधिक के खरीदार इसमें शामिल होने जा रहे हैं.

श्री टमटा ने हस्तशिल्प के निर्यातकों से आह्वान किया कि वे इस सेक्टर के artisans और शिल्पकारों का विशेष ध्यान ऱखें क्योंकि वे ही इसकी ऱीढ़ हैं. उन्होंने कहा कि इनशिल्पकारों के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, साथ ही इनके परिवारजनों के स्वास्थ्य का भी ख्याल रखा जाना चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि ईपीसीएच ने इस मामले में काफी प्रयास किए हैं. उन्होंने आगे कहा कि भारत सरकार न केवल शिल्पकारों के खर्च में कमी लाने के लिए अपनी विभिन्न योजनाओं के तहत सब्सिडी के तौर परइनकी मदद कर रही हैं बल्कि उनके उत्पादों को Common facility centres तक पहुंचाने के लिए परिवहन में सब्सिडीकी व्यवस्था भी कर रही है. श्री टमटा ने बताया कि शिल्पकारों के बच्चों और उनके परिवारजनों की शिक्षा आदि में मदद के लिए सरकार और हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों का एक पोर्टल बनानेकीआवश्यकताहै, क्योंकि ये शिल्पकारअपनी कठिन मेहनत से न केवल उत्पाद तैयार करते हैं बल्कि वैश्विक बाजार में भारत का ईमेज भी बनाते हैं.

उन्होंने मेले के प्रत्येक संस्करण में ज्यादा से ज्यादा प्रतिभागिता सुनिश्चित करने और साल दर साल इस मेले का आकार बढ़ाने के प्रयासों के लिए ईपीसीएच की तारीफ की and appreciated EPCH कि परिषद प्रत्येक वर्ष इस मेले में पूर्वोत्तर के राज्यों के साथ-साथ जोधपुर और बाड़मेर के लिए विशेष मंडप तैयार करती है. उन्होंने कहा कि ईपीसीएच के इस प्रयास से उद्यमियों औरशिल्पकारों को न केवल रोजगार उपलब्ध हो रहा बल्कि वे अपनी उत्पादों की बिक्री के लिए सीधे वैश्विक कारोबारियों से संपर्क कर पा रहे हैं.

ईपीसीएच और निर्यातकों को आह्वान करते हुए उन्होंने आगे कहा कि उन्हें एंबिएंट 2019 में भारत के विभिन्न राज्यों की कला और संस्कृति के प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार रहना चाहिए, इस आयोजन में भारत को एक भागीदार देश घोषित किया गया है और यह भारतीय शिल्प कला के साथ-साथ विभिन्न संस्कृति, क्षेत्र व कच्चे माल की विविधता को प्रदर्शित करने का बेहतरीन मौका होने वाला है. और अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए हमें इस प्लेटफार्म का उपयोग करना चाहिए.
मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए ईपीसीएच के चेयरमैन श्री ओ पी प्रहलादका ने बताया कि आईएचजीएफ-दिल्ली मेला ने देश से हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने में अहम भूमिका अदा की है. जब 1993-94 में इस मेले का प्रारंभ हुआ था तब इनका निर्यात करीब 751.67 करोड़ रुपए था. दूसरी ओर, 2017-18 में निर्यात में कमी आने के बावजूद 2018-19 के पहले छह महीनों में हैंडीक्राफ्ट निर्यात वृद्धि दर 7.82 फीसदी रही है और यह रुझान अगले छह महीनों तक जारी रहा तो यह निर्यात लक्ष्यजोकी26,500 करोड़हैउसेपारकरजायेगा.
श्री कुमार ने आगे जानकारी दी कि अपनी तरह के खास और आधुनिक सुविधाओं से लैस इस मेले में 110 से अधिक देशों के विदेशी खरीदार शामिल होने जा रहे हैं औऱ पहली बार भाग ले रहे देशों में बेनिन, फिजी, लातविया, रवांडा और डोमिनिकन रिपब्लिक वगैरह हैं. उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों के प्रत्येक बड़े डिपार्टमेंटल स्टोरों ने भारतीय हस्तशिल्प उत्पादों के प्रति गहरी रूचि दिखाई है और पिछले कई वर्षों से वे इस मेले में नियमित रूप से पहुंच रहे हैं.

रिटेल इंडस्ट्री की प्रोग्रेस देखते हस्त शिल्प निर्यात संवर्धन ने जो निर्णय डोमेस्टिक वॉल्यू म बायर्स को इस मेले में शामिल होने का लिया था . वो अब फलीभूत हो रहा है और ज्यादा से ज्यादा रिटेल चेन्स इस मेले में भाग ले रही है.

यही नहीं, पांच दिनों से चलने वाले इस मेले में पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद, जैसे फैशन जूलरी, से सजे-धजे मॉडल भी फैशन शो और रैम्प वॉक करते हैं जो प्रदर्शनकर्ताओं और विदेशी मेहमानों के लिए एक अलग ही वैभव प्रदान करता है.

EPCH is a nodal agency for promoting exports of handicrafts from the Country to various destinations of the world and projecting India’s image abroad as reliable supplier of high quality of handicrafts goods & services.

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