लायड लॉ कालेज में बोले जस्टिस कूरियन जोसफ: ” राष्ट्र को आगे वढाने के लिए लॉ क्षेत्र के व्यक्तियों को नेतृत्व संभालना चाहिए”

  • लॉयड लॉ कॉलेज में तृतीय एन आर माधव मेनन सार्क मूट प्रतियोगिता के सार्क (अंतरास्ट्रीय) राउंड का उद्घाटन

ग्रेटर नोएडा : लॉयड लॉ कॉलेज के तृतीय एन आर माधव मेनन सार्क मूट प्रतियोगिता के सार्क राउंड का उद्घाटन मुख्य अतिथी विख्यात न्यायाधीश कूरियन जोसफ (न्यायाधीश ,सर्वोच्च न्यायलय ,इंडिया ) ने किया. इस कार्यक्रम का आयोजन लॉयड लॉ कॉलेज एवं मेनन इंस्टिट्यूट ऑफ़ लीगल एडवोकेसी एंड ट्रेनिंग( MILAT ), एवं सोसाइटी ऑफ़ इंडियन लॉ फर्म्स ( SILF ) , की सहायता से किया गया.

उन्होंने कहा कि ” राष्ट्र को आगे वढाने के लिए लॉ क्षेत्र के व्यक्तियों को नेतृत्व संभालना चाहिए”. राष्ट्र एक गावं है और कानूनवेत्ता इसका नहाग है जो इसे आगे बढ़ा सकता है .कणों सिखाता है की कैसे जीना है, कैसे चलना है,सब सामान है लेकिन कुछ लोगों को लगता है की वे कानून से ऊपर हैं जिससे राष्ट्र के लिए कई समस्याएं पैदा हो गई हैं . कुछ कानून बनाने वालों को याद करते हुए उन्होंने कहा की उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ा परन्तु उन्होंने अपनी दृस्टि व मिशन पर विस्वास नहीं खोया.इसी प्रकार, प्रत्येक देश के युवा वकीलों को समाज को आगे बढ़ाने के लिए एक मिशन का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल कानून के चिकित्सक समाज को आगे ले जा सकते हैं।

भारत के सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ एडवोकेट श्री आर वेंकटरामनी ने इस प्रतियोगिता को ‘नई सिल्क रूट’ कहा। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता राष्ट्रों को करीब लाएगी, जिस तरह से पुराने रेशम मार्ग ने किया था। उन्होंने कहा, प्रतियोगिता का महत्व सद्भावना और शांति पैदा करना है।

सम्मानीय अतिथि , न्यायमूर्ति अनिल कुमार सिन्हा (नेपाल के न्यायाधीश, सुप्रीम कोर्ट) ने मार्टिन लूथर किंग के हवाले से कहा, “कहीं भी अन्याय हर जगह न्याय के लिए खतरा है …” उन्होंने कहा कि इसे करने से सीखना होगा, और अपने नाम को बिना अपना रास्ता बनाना चाहिए मीडिया हाउस, उन्होंने कहा कि नेपाल में कुछ मीडिया परीक्षणों का न्यायपालिका पर बहुत सख्त प्रभाव पड़ा है

सम्मानीय अतिथि पद्मश्री प्रो माधव मेनन ने कहा की विधिक शिक्षा का विकास शिक्षाविदों की सहायता से ही संभव है .प्रो मेनन ने अब के विधिक छात्रों को पहले के छात्रों से अलग करते हुए कहा की अब के छात्र बौद्धिक कार्यो को लेकर अधिक उत्साहित एवं अधिक मेहनती हैं .छात्र बहुत मेहनत करते हैं,शोध करते हैं और फिर लेखन करते हैं . उन्होंने छात्रों को अधिक मेहनत पर जोर देने को कहा.

पद्मश्री प्रो (डॉ) एन.आर. माधव मेनन कहा कि कानूनी शिक्षा में 70 वर्षों में कई बदलाव हुए हैं। उन्होंने याद किया कि अपने समय के दौरान वकीलों के लिए एक विकल्प के रूप में केवल मुकदमेबाजी थी लेकिन आज के वकील देश के आर्थिक विकास को गति देने में मदद कर रहे हैं। वे सामाजिक परिवर्तन लाने का भी हिस्सा हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सामुदायिक वकीलों को भी होना चाहिए जो देश के ग्रामीण और आदिवासी भागों में न्याय लाने में मदद कर सकते हैं। युवाओं और सलाहकारों के लिए उनकी सलाह थी कि उनका जीवन कानून के अध्ययन के प्रति समर्पित होना चाहिए क्योंकि ये युवा लोग हैं जो भारत को एक महाशक्ति बना देंगे।

कार्यक्रम में लॉयड कॉलेज के चैयरमेन मनोहर थेरानी उपस्तिथ थे .उन्होंने कहा की प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य युवा वकीलों को अपना भविष्य उभरने को प्रोत्साहन देना है. प्रतियोगिता दो दिन चलेगी .कार्यक्रम में सभी सार्क देशों -नेपाल,बांग्लादेश ,अफगानिस्तान,भूटान ,मालदीव ,भारत ,श्रीलंका ,म्यांमार आदि की टीम उपस्तिथ थी .
उद्घाटन समारोह में कई विधि विष्वविद्यालयों के वाईस चांसलर,सार्क देशों के न्यायाधीश ,प्रशाशक , प्रतिभागी , शिक्षक ,छात्र एवं प्रतिष्ठित कानूनी दिग्गज शामिल थे .

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