‘न्याय में देरी अन्याय है’ , शारदा में अपराधिक न्याय प्रणाली पर राष्ट्रीय सेमिनार

ग्रेटर नोएडा : स्कूल ऑफ लॉ, शारदा विश्वविद्यालय में आज मानव अधिकारों और आपराधिक न्याय प्रणाली पर राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया| इसमें देश के जाने माने न्यायविद तथा वरिष्ठ प्रशाशनिक अधिकारीयों ने भाग लिया जिनमे मुख्य हैं पूर्व कानून एवं न्याय मंत्री हंसराज भरद्वाज, नेशनल लॉ विश्वविधालय के कुलपति एस के भटनागर, उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक डॉ विक्रम सिंह, भारत सरकार के पूर्व लॉ सचिव पी के मल्होत्रा इत्यादि |

शारदा विश्वविधालय के प्रो चांसलर वाई के गुप्ता ने आये हुए सभी अतिथियों के स्वागत करते हुए कहा की आज देश में सबसे ज्यादा मानवाधिकार हनन के मामले पुलिस के आते हैं जो की सत्य नहीं है| श्री गुप्ता ने स्कूल ऑफ़ लॉ को धन्यवाद् दिया और कहा की इस तरह के ज्ञानवर्धक कार्यक्रम से छात्रों को कानून के तौर तरीकों को समझने का मौका मिलेगा|

पी के मल्होत्रा (पूर्व कानून सचिव) ने बताया कि कानून पेशे में व्यावहारिक शिक्षा कितनी महत्वपूर्ण है, उन्होंने छात्र से कानूनी सहायता में भाग लेने का अनुरोध किया और कहा कि आपराधिक न्याय प्रणाली को समय के साथ सुधार की जरूरत है। राम मनोहर लोहिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एसके भटनागर ने कहा कि “न्याय में देरी अन्याय है”| उन्होंने भारत में न्याय वितरण प्रणाली के सुधार के बारे में बात की और कैसे न्यायाधीशों को मानवाधिकार मामलों से निपटने की जरूरत है। डॉ विक्रम सिंह, आईपीएस, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक यूपी ने पुलिस व्यवस्था में सुधार के बारे में बताया, उन्होंने पुलिस अधिकारी के रूप में अपना अनुभव साझा किया और पुलिस कैसे न्याय पाने में मदद कर सकती है और कैसे पुलिस मानव अधिकारों की रक्षा कर सकती है|

मुख्य अतिथि पूर्व न्याय एवं कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने वर्तमान युग में मानवाधिकारों पर बढ़ते मुद्दे को संबोधित किया और उन्होंने ग्राम न्यायलय और समाज के ओर प्रबुद्ध वर्ग की ज़िम्मेदारी के बारे में भी बात की| उन्होंने मानवाधिकारों के महत्व को साझा किया और कैसे हमारा संविधान मानवाधिकारों का संरक्षण करता है। कार्यक्रम में शारदा विश्वविधालय के स्कूल ऑफ़ लॉ तथा मैनेजमेंट के शिक्षकों तथा विधार्थियों ने भाग लिया

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