जेपी बिल्डर के कार्यालय पर निवेशकों का हंगामा खरीददारों ने की जमकर तोड़फोड़

नोएडा। राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा जेपी इंफ्राटेक को दिवालिया की सूची में डालने के बाद घबराये हजारों बायर्स ने आज जेपी ग्रुप के सेक्टर-128 स्थित दफ्तर पर विरोध प्रदर्शन किया। जब जेपी के गार्ड ने बायर्स को अंदर घुसने से रोका तो बायर्स भड़क उठे और वे बैरीकेट और गेट को तोड़कर अंदर घुस गये। बायर्स का आरोप है कि जेपी पर बैंकों का आठ हजार करोड़ बकाया है। जबकि बायर्स जेपी गु्रप को अब तक 20 हजार करोड़ रूपए से ज्यादा दे चुके हैं। उनकी मांग है कि बैंकों का पैसा चुकाने के पहले उनकी गाढ़ी कमाई उन्हें वापस करवायी जाये। बायर्स ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ भी नाराजगी जताई और मांग की कि सांसद, मंत्री और विधायक इस मामले में हस्तक्षेप करें।

एनसीएलटी ने आईडीबीआई बैंक की याचिका पर पिछले दिनों जेपी बिल्डर को दिवालिया कंपनी की सूची में डाल दिया था। जिसके बाद 32 हजार बायर्स की सांसे थम गयीं। बायर्स को चिंता सताने लगी कि उनके फ्लैट और प्लाट उन्हें कैसे मिलेंगे। जेपी बिल्डर पर बैंकों का आठ हजार 365 करोड़ रूपए बकाया है। नोएडा और गे्रटर नोएडा में जेपी बिल्डर के कई बड़े प्रोजेक्ट हैं जो अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। इस आदेश के बाद घबराये बायर्स ने आज सेक्टर-128 में जेपी बिल्डर के कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बायर्स का कहना है कि यदि उन्हें उनका पैसा या फ्लैट नहीं मिला तो वह आमरण अनशन करेंगे। खरीददार अजय कौल ने बताया कि जेपी बिल्डर को अब तक बायर्स ने विभिन्न प्रोजेक्टों के माध्यम से 20 हजार करोड़ से ज्यादा का भुगतान कर दिया है। उन्होंने कहा कि बैंकों के पैसे से पहले बायर्स के पैसे वापस करवाये जायें। उन्होंने मांग की कि इस मामले में मंत्री, सांसद और विधायक हस्तक्षेप करें तथा बायर्स को न्याय दिलवाये। बायर्स प्रमोद रावत और देवेंद्र यादव ने बताया कि हम लोग बैंकों से लोन लेकर बिल्डर को अब तक 95 प्रतिशत से ज्यादा भुगतान कर चुके हैं।

एक तरफ बैंक का लोन है दूसरी तरफ हमें अभी तक फ्लैट नहीं मिले हैं जिससे सभी बायर्स डरे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में जेपी बिल्डर की तरफ से कोई भी अधिकारी उनसे बात नहीं कर रहा है और न ही प्राधिकरण और जिला प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। लोग जेपी बिल्डर के खिलाफ लगातार नारे लगा रहे हैं। इस प्रदर्शन के चलते काफी देर तक यातायात भी प्रभावित रहा। मौके पर मीडिया का जमावड़ा लगा हुआ है। कुछ खरीददार ऐसे भी हैं जो जेपी बिल्डर के यहां कई फ्लैट बुक कराये हुए हैं। कुछ लोगों ने बिल्डर के यहां अपनी काली कमाई भी निवेश किया है। उनकी हालत और भी दयनीय है। वे न तो बिल्डर का खुलकर विरोध कर रहे हैं और न ही उसके पक्ष में खड़े हो पा रहे हैं। सूत्रों का दावा है कि हजारों करोड़ से ज्यादा की काली कमाई लोगों ने निवेश किया है।

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